रोज़ फार्मास्यूटिकल्स प्रा० (इण्डिया)
का संक्षिप्त परिचय
आज से लगभग ४७ वर्ष पहले अर्थात् सन् १९७९ में भारत के पूर्वी उत्तर प्रदेश, ग्राम-भैदवा, जिला-देवरिया के वैद्य हरिशंकर यादव ने सतरांव, जनपद-देवरिया की सुप्रसिद्ध नागरिकता ग्रहण कर रोज़ फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट इण्डिया की सतरांव में स्थापना की।
प्रत्येक देश में रहने वाले को अपने देश की उन्नति के लिए स्वदेशी जड़ी-बूटियों से निर्मित देशी औषधियों का उपयोग करना, जहाँ-जहाँ पर दोषों की प्रतीति हो, वहाँ-वहाँ पर संशोधन के लिए प्रयत्न करना एवं नूतन आविष्कार के लिए सदा प्रयत्नशील रहना चाहिए। स्वदेशाभिमानी के ये ही लक्षण हैं। अपने देश की प्राचीन चिकित्सा-पद्धति तथा अनुभूत योग से आयुर्वेद की उन्नति करके अपनी राष्ट्रीय चिकित्सा-प्रणाली को उजागर करने के लिए इस फार्मेसी का आरम्भ किया गया।
आयुर्वेद के अति प्राचीन ग्रन्थों का अभ्यास तथा अध्ययन किया तथा जो-जो औषधियाँ गुणकारी प्रतीत हुईं, उनको बनवा कर प्रयोग किया गया। औषधि की उपयोगिता देखकर यह फार्मेसी आयुर्वेद की उन्नति के लिए अनुभूत योग बनाने लगी तथा अपने असंख्य चिकित्सक-मित्रों तक अपने योगों को देने लगी। इस फार्मेसी का माल खरीदना आयुर्वेद को प्रोत्साहन देना है। वैद्य, डाक्टर, हकीम और जनता से आशा की जाती है कि हमारा माल खरीदकर हमें प्रोत्साहन देते रहेंगे। आज तक आयुर्वेद के प्रचार-कार्य में जिन्होंने हमें माल खरीदकर या अन्य रीति से प्रोत्साहन दिया है, हम उन सभी के हृदय से आभारी हैं।